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KULACHI HANSRAJ MODEL SCHOOL
ASHOK VIHAR, PHASE - III, DELHI - 110052
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Event Detail  
Capacity Building Workshop for DAV Hindi teachers of cluster 1
Event Start Date : 16/02/2019 Event End Date 16/02/2019

Report by Ms. Pooja Arya

 दिन का पहला सत्र -

एक दिवसीय कार्यशाला की शुरुआत अत्यंत विचारोत्तेजक रही I दिल्ली विश्वविद्यालय की प्राचार्य एवं हंसराज कॉलेज की प्रधानाचार्य सुश्री रमा जी से हमारा संवाद हुआ I उन्होंने शिक्षको से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों और हिंदी भाषा के बीच संबंध पर विशेष बल दिया I उनका यह आग्रह था कि विद्यार्थियों को अपने विषय से जोड़ने के लिए उनके स्तर तक पहुँचना बहुत जरूरी है I उनके वक्तव्य में विशेष रूप से उल्लेखनीय यह तथ्य था कि आज का विद्यार्थी सूचना प्रौद्योगिकी के युग में साँस ले रहा है ,अत्यावश्यक है कि शिक्षक विद्यार्थी की वस्तु स्थिति के मद्देनजर ही अपने शिक्षण की ओर उन्मुख हो I

फेसबुक ,इंस्टाग्राम आदि के पथ पर सरपट दौड़ती आज की पीढ़ी से शिक्षक की रफ्तार आज के विद्यार्थियों जितनी तो होनी ही चाहिए I

दूसरे सत्र में - मीनू कालरा जी ने दूसरे सत्र में सुश्री रमा जी द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर मंथन करते हुए कहा कि आज के समय में हिंदी शिक्षण वास्तव में बहुत चुनौतीपूर्ण हो गया है I अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई जा रहे अन्य सभी विषयों से हिंदी तो एक चुनौती हो गई है I इसके अलावा जिस महत्वपूर्ण तथ्य की और सुश्री मीनू जी ने ध्यान आकर्षित किया वह यह है कि आज की कक्षाओं में विद्यार्थियों के स्तर में भी अच्छा खासा अंतर देखने को मिलेगा I एक और ऐसे विद्यार्थी हैं जो कि शिक्षक के थोड़े से मार्गदर्शन द्वारा ही अधिगम बिंदु तक पहुंच जाते हैं ,तो दूसरी ओर से ऐसे विद्यार्थी हैं जिनके साथ शिक्षक को ज्यादा या बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है I इसी आधार पर वक्ता ने शिक्षण अधिगम पर विस्तृत विचार-विमर्श को साकार किया I एन. सी. ई. आर. टी .के स्तर पर चल रहे अधिगम संबंधी विवेचन का सुश्री मीनू ने विस्तारपूर्वक उल्लेख किया I शिक्षकों को इस तथ्य से परिचित करवाया गया कि प्रत्येक शिक्षक से यह अपेक्षित है कि वह अधिगम बिंदुओं के प्रति विशेष रूप से सजग रहे I

इसी पृष्ठभूमि में एन. सी. ई.आर. टी. द्वारा तैयार किया गया एक वृत्तचित्र भी दिखाया गया यह वृत्तचित्र भाषा शिक्षण के मूल आधार सुनना, बोलना, पढ़ना और लिखना पर केंद्रित था

तीसरे सत्र में - दूसरे सत्र में हुई चर्चाओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिभागी शिक्षकों ने पाठ योजनाएं तैयार की यह एक सामूहिक क्रियाकलाप प्रत्येक विद्यालय के शिक्षक समूह ने एक गद्य पाठ तथा एक काव्य पाठ पर आधारित पाठ योजना बनाई कुलाची हंसराज मॉडल के हिंदी शिक्षकों ने कक्षा आठवीं के 2 पाठ चुने-

दुख में हार ना मानो ( पद्य )

ईर्ष्या तू न गई मेरे मन से ( गद्य )

 Thanks to Principal of host school AG DAV School.

Gratitude to Principal ma'am Ms. Sneh Verma.

 

https://photos.app.goo.gl/UaYb3hHcYV8oBMCU7